

मूल्य संवर्धित इस्पात के क्षेत्र में बीएसएल की बड़ी उपलब्धि: चार नए ग्रेड्स को मिला बीआईएस (BIS) प्रमाणन
बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाई, बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने अपने मूल्य संवर्धित इस्पात (Value-added steel) पोर्टफोलियो को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. आईएस 513 (भाग 2) के तहत आईएससी 410 ग्रेड तक उपलब्ध मौजूदा बीआईएस लाइसेंस का विस्तार करते हुए, संयंत्र को अब इसी मानक के अंतर्गत आईएससी 440 एलए, आईएससी 470 एलए, आईएससी 510 एलए और आईएससी 550 एलए ग्रेड को शामिल करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जमशेदपुर से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त हुई है.
यह स्वीकृति बोकारो इस्पात संयंत्र में उत्पादित हाई स्ट्रेंथ लो अलॉय (एचएसएलए) कोल्ड रोल्ड स्टील ग्रेड के मानकीकरण की दिशा में एक बड़ी प्रगति है. आईएस 513 (भाग 2) में इन विशिष्ट ग्रेड्स के शामिल होने से यह सुनिश्चित होगा कि ये अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं, जिससे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में इनकी स्वीकार्यता और मांग में वृद्धि होगी.
आईएससी एलए (ISC LA) सीरीज के इन ग्रेड्स को उच्च तन्य शक्ति (Tensile Strength), बेहतर फॉर्मेबिलिटी और उत्कृष्ट वेल्डेबिलिटी प्रदान करने के लिए तकनीकी रूप से उन्नत बनाया गया है. ये विशेषताएं उन्हें ऑटोमोटिव और हैवी इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती हैं, जहाँ संरचनात्मक मजबूती और वजन अनुकूलन (Weight Optimization) जैसे मानक अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं.
बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी, श्री प्रिय रंजन ने संबंधित सभी विभागों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उत्पाद की गुणवत्ता और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार लाने के सेल के रणनीतिक विजन के अनुरूप है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे घरेलू इस्पात बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने और ग्राहक संतुष्टि सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
अधिशासी निदेशक (संकार्य) श्री अनुप कुमार दत्त ने इस सफलता के लिए संयंत्र की बहु-विषयक टीमों के समर्पित प्रयासों की सराहना की. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उपलब्धि मूल्य संवर्धित इस्पात उत्पादन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के प्रति बीएसएल के केंद्रित और सकारात्मक दृष्टिकोण को रेखांकित करती है.
इस विकास के साथ, बोकारो इस्पात संयंत्र ने न केवल अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत किया है, बल्कि उन्नत स्टील ग्रेड के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं. बीआईएस की यह स्वीकृति आयात पर निर्भरता कम करने और भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों के अंतर्गत स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी.
यह उपलब्धि बोकारो इस्पात संयंत्र की गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है. उच्च प्रदर्शन वाले इन नए स्टील ग्रेड्स का प्रमाणीकरण न केवल संयंत्र की बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि ग्राहकों को विश्व स्तरीय समाधान उपलब्ध कराकर उत्पादकता और गुणवत्ता के क्षेत्र में बीएसएल की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करेगा.




