

रोटी और शांति दुनिया की पहली जरूरत _ सीता देवी
बोकारो। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ( ऐपवा) के वैनर तले चलकरी बैंक मोड़ से पंचायत भवन तक महिला अधिकार मार्च निकाला गया।अधिकार मार्च निकाला गया हक सम्मान और अधिकार की लड़ाई तेज करो, महिला एकता जिंदाबाद, भीख नहीं अधिकार चाहिए जीने का अधिकार चाहिए, की जोरदार नारों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं अधिकार मार्च में शामिल हुई। महिला दिवस कार्यक्रम के पूर्व, युद्ध और महिला अधिकार के संघर्ष में अबतक शहीद हुए महिला नेताओं और कल ही सड़क दुर्घटना में मृत एपवा और झारखंड रसोइया संघ की प्रदेश अध्यक्ष अनिता देवी को एक मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
महिला दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता 5 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने संयुक्त रूप से किया। जिसमें सीता देवी, रेहाना बीबी, फोटो बाला देवी, तबस्सुम खातून, कुंती देवी आदि मुख्य रूप से शामिल थी।
कामकाजी महिलाओं को नेतृत्वकर्ता और एपवा की महिला नेत्री सीता देवी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और समानता और अधिकार की लड़ाई में सैकड़ों महिलाओं ने शहादत दी है, आज भी डायन हत्या बलात्कार और हिंसा में महिलाएं मारी जा रही है। उच्च पदो पर बैठे नेता, अधिकारी और पूंजीपति हैवानियत की हदें पार कर दी है। 14 साल की नाबालिग लड़कियों के टीकाकरण की प्राणिकता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बाद ही टीकाकरण की अभियान आगे बढ़ेगी। हम और कोई बेटियों को खोना नहीं चाहते हैं। महिला दिवस की शुरुआती परिस्थितियां और मांगे आज भी सौ साल के बाद भी मौजूद है। रोटी और शान्ति आज भी दुनियां की पहली जरूरत बनी हुई है। आगे की चुनौतियों से निपटने के लिए 9 सदस्यीय कमिटी का निर्माण किया गया। जो एक साल तक महिलाओं के सवालों पर काम करेगी।
महिला दिवस कार्यक्रम में नूनी बाला देवी, फूलजन बीबी, सुशीला देवी, अंजू देवी, काजल देवी, गुनिया देवी, समीना खातून, पायल कुमारी सीता कुमारी खुशी कुमारी, आराध्या कुमारी पूनम देवी तबस्सुम खातून, भूखली देवी पत्तिया देवी अफसाना प्रवीण जितनी देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं अधिकार मार्च और महिला दिवस कार्यक्रम में शामिल हुई।





