ईटवां स्कूल में चापाकल खराब, बाहर से रखा पानी पी बुझा रहे बच्चे प्यास

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ईटवां स्कूल में चापाकल खराब, बाहर से रखा पानी पी बुझा रहे बच्चे प्यास
प्लस टू उच्च विद्यालय ईटवां में नामांकित हैं 1050 छात्रों
इसी विधालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में 100 छात्र है
संवाददाता रामानंद सिंह
 मोहनपुर( गया)
मोहनपुर प्रखंड के प्लस टू उच्च विद्यालय ईटवां में चापाकल खराब रहने से बच्चों व शिक्षकों को पानी के लिये परेशानी हो रही है। यहां 1050 छात्रों का नामांकित हैं। वही नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में 100 बच्चा नामांकित है। वही इस विधालय में पढ़ाने के लिए 29 शिक्षकों की तैनाती है। यहां 20 कमरे हैं।
प्रधानाध्यापक गोपाल सिंह ने बताया कि पीएचईडी विभाग ने बहुत दिन पहले एक चापाकल लगाया था। वह चार माह से खराब है। मरम्मत के लिए विभाग को कई बार लिखा। बावजूद नहीं बनाया गया। स्कूल में पानी नहीं रहने से शौचालय भी बेकार हो गए है।
बच्चे खुद घर से बोतल में पानी लेकर आते हैं। रसोइया बाहर से पानी लाकर बड़े बड़े डब्बे में भरकर रखती हैं। इसी से दर्जनों बच्चों व शिक्षकों की प्यास बुझती है। सबसे बड़ी परेशानी पानी के बगैर बेकार पड़े शौचालय हैं। शौच के लिए बच्चों को घर या फिर खुले में जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहनपुर, पीएचईड विभाग मोहनपुर, सर्व शिक्षा अभियान गया, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मोहनपुर को लिखित आवेदन दिया गया है।  विद्यालय में दो चापाकल लगा हुआ था दोनों चापाकल खराब हो गई है। जिस कारण से बच्चों को पेयजल का काफी संकट छा गया है। वहीं उन्होंने कहा कि एक बार दैनिक जागरण के द्वारा खबर  प्रकाशन किया गया था जिस पर केवल पीएचईड विभाग के द्वारा चापाकल के मरम्मत किया गया था कुछ देर तक पानी देता है और फिर पानी रुक जाता है। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी कैंपस में प्लस टू उच्च विद्यालय से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय चल रहा है।
सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के वार्डन जितेंद्र कुमार ने बताया कि पानी के अभाव में बगल के घर से पानी लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पानी को किसी सामान में स्टोर करते हैं तो वह स्टोर से बच्चे स्नान वगैरह कर रहे हैं उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारी को लिखित एवं मौखिक जानकारी दिया गया है। लेकिन विभाग के द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया हम लोगों को लगता है कि नौकरी करना कितना कठिन का काम हो गया है।

Leave a Comment