
- शराब जांच के नाम पर उत्पाद विभाग की दबंगई, एंबुलेंस चालक को बेरहमी से पीटा
बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो से पहुंचे कर्मियों पर मारपीट का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
कैमूर। बिहार के कैमूर जिले में शराब जांच के नाम पर उत्पाद विभाग की कथित गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। NH-19 स्थित मोहनिया समेकित जांच चौकी पर वाराणसी से मरीज छोड़कर लौट रही एक एंबुलेंस को रोककर चालक के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पीड़ित एंबुलेंस चालक की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के कुरई गांव निवासी गुड्डू हजाम के रूप में हुई है। चालक का आरोप है कि उत्पाद विभाग के कुछ कर्मी बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो से पहुंचे और शराब जांच के नाम पर एंबुलेंस को जबरन रुकवाया। जब चालक ने कहा कि वाहन में कोई शराब नहीं है और वह मरीज छोड़कर लौट रहा है, तब भी कर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिना किसी स्पष्ट जांच प्रक्रिया और सबूत के चालक के साथ की गई मारपीट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहन को रोककर चालक के साथ हिंसक व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि शराबबंदी कानून की आड़ में आए दिन वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशान किया जाता है।
घटना की जानकारी मिलते ही मोहनिया पुलिस और स्थानीय एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में दुर्गावती थाना अध्यक्ष गिरीश कुमार ने रविवार सुबह बताया कि एंबुलेंस चालक द्वारा उत्पाद विभाग के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मोहनिया एसडीपीओ कृष्ण कुमार ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि उत्पाद विभाग के कर्मियों द्वारा एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट किए जाने की शिकायत मिली है। पीड़ित द्वारा दुर्गावती थाने में आवेदन दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच और कानून व्यवस्था के नाम पर सुरक्षाबलों को आम नागरिकों के साथ हिंसा करने का अधिकार मिल जाता है? स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

